विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना की। इस मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि वे भारत और म्यांमार के बीच सहयोग को और आगे बढ़ाने के लिए पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ह्लाइंग की मुलाकात का इंतजार कर रहे हैं।
द्विपक्षीय सहयोग पर सकारात्मक दृष्टिकोण
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में एस जयशंकर ने कहा, "आज नई दिल्ली में म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात करके मुझे खुशी हुई। हमारे दीर्घकालिक द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण की मैं सराहना करता हूं। शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए हमारी साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात का इंतजार कर रहा हूं।"
कीर्ति वर्धन सिंह ने किया स्वागत
बता दें कि मिन आंग ह्लाइंग भारत दौरे पर हैं। यहां वह पहले बोधगया गए, जिसके बाद नई दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। एक्स पर एक पोस्ट में रणधीर जायसवाल ने कहा, "बोधगया से नई दिल्ली पहुंचने पर म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग का हार्दिक स्वागत है। एयरपोर्ट पर राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने उनका स्वागत किया। यह यात्रा हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करती है।"
बोधगया में की पूजा-अर्चना
बता दें कि इससे पहले दिन में, म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने बोधगया के महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। रणधीर जायसवाल ने कहा कि ह्लाइंग की यात्रा दोनों देशों के बीच बौद्ध विरासत को रेखांकित करती है। एक्स पर एक पोस्ट में रणधीर जायसवाल ने कहा, "म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने आज बोधगया का दौरा किया और पवित्र महाबोधि मंदिर में पूजा-अर्चना की। यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच गहरे आध्यात्मिक और सभ्यतागत संबंधों को दर्शाती है, जो साझा बौद्ध विरासत में निहित हैं और पीढ़ियों से हमारे लोगों को जोड़ती आ रही हैं।"
2 जून तक भारत दौरा
दरअसल, म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग की यह यात्रा 30 मई से 2 जून तक चलेगी। राष्ट्रपति के रूप में मिन आंग ह्लाइंग की भारत की यह पहली यात्रा है। उनके साथ मंत्रिमंडल मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख व्यापारिक नेताओं का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा।
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